
आपके प्रोग्राम को कंप्यूटर कैसे समझ पाता है ?
Java Virtual Machine क्या है और Java को क्यूँ platform independent कहा जाता है ?
चलिए, Java install करते हैं और अपना पहला प्रोग्राम लिखते हैं और उसे execute करते हैं।
Java समझने के लिए इन basic concepts का समझाना जरुरी है।
जब variable की value कुछ limited values मैं से ही हो सकती है तो enum use कीजिये; ना की premitive data types।
जैसे साल के १२ महीने , इंद्रधनुष के ७ रंग
जिस तरह हमारे parents की कुछ looks , अच्छी बुरी आदतें हम में आ जाती है (inherit ) हो जाती हैं , उसी तरह class भी किसी और class की properties और behaviour को inherit कर सकता है।
जिस तरह हमारे parents की कुछ looks , अच्छी बुरी आदतें हम में आ जाती है (inherit ) हो जाती हैं , उसी तरह class भी किसी और class की properties और behaviour को inherit कर सकता है।
अगर कोई property या behavior सारे objects के लिए एक ही होगा तो उसे static (स्थिर) बना दीजिये।
parent class यानी super class की property या behavior child /sub class में उस कीजिये super की मदद से।
property या behavior को चेंज होने से रोकना है , उसे मार्क कर दीजिये final से।
टीवी का रिमोट , fan का स्विच ये interfaces हैं। बस बटन दबाइये और डिवाइस काम करता है। आपको इंटरनल circuit /wiring के बारे में जानने की कोई जरुरत नहीं। Java में भी होते हैं कुछ ऐसेही interfaces।
properties और behavior को class के अंदर रखा जाता है (encapsulate किया जाता है ) और आप properties और behavior क्लास के बाहर से सीधा access मिलने से रोक सकते हैं।
अगर किसी चीज की समझ नहीं है (आपके लिए abstract है ), तो उसे छोड़ दीजिये दूसरों पर जो अपने अपने तरीके से उसे समझेंगे और आपको समझायेंगे।
यही करता है abstract class ।
class के objects बनाइये constructors की मदद से।
जिस तरह इंसान के अलग अलग परिस्थितियों में अलग अलग (Poly) रूप ( morphs ) होते हैं उसी तरह objects अलग अलग़ रूप धारण कर सकते हैं।
data को process कीजिये operators की मदद से।
data को process कीजिये operators की मदद से।
अगर... नहीं तो ...
अगर.. अच्छी पढाई की तो
अच्छे नंबर आएंगे .
नहीं तो ...
बुरे नंबर आएंगे .
दुबारा पढ़ना पड़ेगा
जब तक.... तब तक....
जब तक
समझ ना आये
तब तक
पढ़ते रहो
0 पढ़ाई
fail
१ घंटा पढ़ाई
pass
२ घंटे पढाई
५०% मार्क्स
३ घंटे पढाई
७०% मार्क्स
४ घंटे पढाई
९० % मार्क्स
और ज्यादा पढाई
बस करो यार।
जिस तरह लाइफ में चीजे हमेशा उस तरह नहीं होतीं जैसे हमने सोची होती है।
आप बुरी परिस्थिति (exception ) के लिए खुद को तैयार रखते हो।
कुछ try करते हो; सब ठीक हुआ अच्छा है लेकिन कुछ बुरा हुआ तो उसे हैंडल करते हो / catch करते हो। और finally चाहे अच्छा हो या बुरा; कोशिश करते रहते हो ।
प्रोग्रामिंग में भी ऐसेही करते हैं।
अपनी classes को एक लॉजिकल folder structure me रखें। ताकि फोल्डर /package का नाम देखते ही समझ जाओगे की इसमें किस तरह की classes होंगी।
दूसरे package की classes अपने class में use करनी है? तो पहले उन्हें अपनी क्लास में import कर लीजिये।
instance variables और methods कहाँ access हो पाएंगी ये decide होता है उनके आगे लगे access modifier से।
IDE : आपकी programming को बहुत आसान बना देगा।
इंसानो की तरह ही variables का भी scope (जिसमे वो दूसरों को नजर आते हैं ) और lifetime होता है (जब तक उनका अस्तित्व होता है। )
computer की memory लिमिटेड होती है। जब आप objects बनाते हैं तब उनके लिए कुछ memory allocate की जाती है और काम ख़त्म हो जाने पर मेमोरी को free भी किया जाता है। कैसे और कहाँ?
variables को जब आप एक method से दूसरी method मे pass करते हो तो क्या होता है?
values के ग्रुप को process करने का आसान तरीका..
duplicates objects लिस्ट में add होंगे। objects की order वही रहेगी जिसमे आपने objects डाले।
duplicate object पुराने पहले वाले object की जगह ले लेगा। objects की order random होगी। वो फिक्स नहीं होगी।
जब डाटा key -value फॉर्म में store करना है तब use कीजिये map ।
Ex:
Roll no Student
1 Sunny
2 Vijay
3 Raj
objects को compare कैसे करें ?
collections को sort कैसे करें ? कैसे decide होगा की object दूसरे से बड़ा है या छोटा ?
यह कोर्स उन सभी लोगों के लिए है जो Java Programming सीखना चाहते हैं।
भलेही आपने अभी प्रोग्रामिंग नहीं की हो या आपका बैकग्राउंड Computers या IT ना हो..बस; चाह होनी जरुरी है।
इस कोर्स को इसी तरह से डिज़ाइन किया गया है। हम एक एक स्टेप करके आगे बढ़ेंगे। कोई ऐसी उम्मीद नहीं की गयी है की आप पहले से ही प्रोग्रामिंग के बारे में जानते हों।
कोर्स के अंत में आप Java की इंटरमीडिएट लेवल तक के जॉब ओपनिंग्स के लिए तैयार हो चुके होंगे।